Pulwama Terror Attack : गुरुवार 14 फरवरी के दिन सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहीद पर भारत रोया था खून के आंसू

Pulwama Terror Attack : गुरुवार 14 फरवरी के दिन सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहीद पर भारत रोया था खून के आंसू

Pulwama Terror Attack : गुरुवार 14 फरवरी के दिन सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहीद पर भारत रोया था खून के आंसू

Pulwama Terror Attack : गुरुवार 14 फरवरी के दिन सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहीद पर भारत रोया था खून के आंसू
पुलवामा हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। हर कोई बदला चाहता था। इस हमले में भारतीयों ने अपने 40 जवानों को खोया था।

गोरखपुर, टीम एरो इंडिया न्यूज़ / Pulwama Terror Attack,  गुरुवार 14 फरवरी 2019 का

दिन दोपहर के 3:30 बजे सीआरपीएफकी 78 बसें करीब 2500 जवानों को लेकर नेशनल हाईवे 44 से गुजर रही थी| सड़क पर

दूसरे वाहनों एवं मोटर गाड़ियों की आवाजाही को रोके बिना यह काफिला धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था|

बसों में बैठे कई जवान छुट्टी पर वापस अपने घर जा रहे थे| उनके चेहरे पर अपनों

से मिलने की खुशी थी| और इसी हाईवे पर दो दिन पहले भी आतंकी सीआरपीएफ

के जवानों पर हमले को अंजाम दे चुके थे| इसीलिए हर कोई सतर्क था|

 

अचानक हुए ज़ोरदार धमाके से बस के उड़ गए परखच्चे

 

अचानक से एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर काफिले के साथ चल

रही बस में टक्कर मार दी| टक्कर मारने के साथ ही एक जोरदार धमाका हुआ|

बस के साथ जवानों के शरीर के परखच्चे कई मीटर दूर छिटक गए| सीआरपीएफ

के जवान कुछ समझ पाते या हमले का जवाब देने के लिए जवाबी कार्यवाही

करते या अपनी पोजीशन ले पाते उनके ऊपर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी|

सीआरपीएफ जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन आतंकी वहां से भागने में सफल हो गए|

 

हाईवे के चारों तरफ बिखरा था खून और मांस के टुकड़े

 

जबरदस्त विस्फोट के बाद धीरे-धीरे धुआ हटा फायरिंग बंद हुई तो वहां का

नजारा एकदम दिल दहला देने वाला था| सड़क पर चारों तरफ मांस के टुकड़े

और खून बिखरा हुआ था| जवान अपने साथी जवानों की तलाश कर रहे थे| हमले में

सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे| यह जवान सीआरपीएफ की 76 बटालियन से थे|

कई जवान जो घायल हो गए थे उन्हें तुरंत श्रीनगर में आर्मी के बेस हॉस्पिटल ले

जाया गया था| 1989 के बाद जवानों पर यह सबसे बड़ा हमला था|

 

Pulwama Terror Attack : गुरुवार 14 फरवरी के दिन सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहीद पर भारत रोया था खून के आंसू

 

इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तानी बेस्‍ड आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली|

विस्फोटक से भरी कार को बस से टकराने वाले आतंकी की पहचान आदिल अहमद

डार के रूप में सामने आई| बता दे 22 वर्ष का आदिल जो 2 साल पहले आतंकी

संगठन के साथ जुड़ा था| मार्च 2018 में उसके परिवार ने आख़िरी बार डार को

साइकिल से कहीं बाहर जाते हुए देखा था| और फिर वह वापस नहीं लौटा था|

विस्फोटक को अंजाम देने वाले आदिल को पुलिस ने करीब 6 बार अलग-अलग

मामलों में हिरासत में भी लिया था लेकिन हर बार उसको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था|

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