भारत ने एक और सफलता प्राप्त करते हुए k-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया 3,500 किलोमीटर है मारक क्षमता

भारत ने एक और सफलता प्राप्त करते हुए k-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया 3,500किलोमीटर है मारक क्षमता

  • अग्नि-2, स्वदेशी तरीके से बनाई गई 21 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी, 17 टन वजन वाली यह मिसाइल अपने साथ 1000 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने की क्षमता रखती है|
  • पिनाका मिसाइल की मारक क्षमता अब 90 किलोमीटर हो गई है|
  • देश को आर्थिक रूप से मजबूत और मेक इन इंडिया को मजबूत करने में डीआरडीओ  इनोवेशन की बहुत बड़ी भूमिका है|

    भारत ने एक और सफलता प्राप्त करते हुए k-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया 3,500किलोमीटर है मारक क्षमता
    भारत ने एक और सफलता प्राप्त करते हुए k-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया 3,500किलोमीटर है मारक क्षमता

 

विशाखापट्टनम, राष्ट्रीय / भारत ने हाल ही में एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि प्राप्त कर ली है|

रविवार को आंध्रप्रदेश के तट पर 3,500 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली परमाणु हथियारों

को ले जाने में सक्षम पनडु्बी से k – 4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है|

(DRDO) डिफेंस रिसर्च और डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा विकसित की गई मिसाइल

को नौसेना के स्वदेशी आईएनएस अरिहंत – श्रेणी के परमाणु संचालित पनडुब्बी से सुसज्जित किया|

यह पुरी जानकारी सरकारी सूत्रों के अनुसार मिली है| आपको बता दें इस परमाणु मिसाइल

की जद में पूरा  पाकिस्तान, चीन एवं दक्षिण एशियाई कि कई सारे देश इस मिसाइल की जद में हैं|

 

 पिनाका “एंटी टैंक” मिसाइल का सफल परीक्षण 

 

बीते वर्ष 2019 में डीआरडीओ द्वारा किए गए एक और सफल परीक्षण,आपको बता

दें बीते वर्ष 20 दिसंबर को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने पिनाका मिसाइल

का फिर से ओडिशा तट से सफल परीक्षण किया था| इस मिसाइल की मारक क्षमता

भारत ने एक और सफलता प्राप्त करते हुए k-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

किया 3,500किलोमीटर है मारक क्षमता

अब 90 किलोमीटर हो गई है| डीआरडीओ  द्वारा विकसित किए गए पिनाका मिसाइल 90 किलोमीटर

की सीमा तक दुश्मन के इलाके में हमला करने में सक्षम है| 

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 फिर और एक उपलब्धि को प्राप्त करते हुए अग्नि-2 का हुआ सफल परीक्षण

 

बीते वर्ष 17 नवंबर को अधिकतम रेंज वाली 2000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली

बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-2  रात्रि मध्यकालीन सफलतापूर्वक परीक्षण को अंजाम दिया गया|

स्वदेशी तरीके से बनाई गई 21 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी, 17 टन वजन वाली यह मिसाइल

अपने साथ 1000 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने की क्षमता रखती है|

 

आपकी मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्या होती हैं एक बैलेस्टिक मिसाइल

 

तो आपको बता दें तकनीकी दृष्टिकोण से बैलेस्टिक मिसाइल उस प्रक्षेपास्त्र  वो कहते हैं जिसका

प्रक्षेपण पथ सब आर्बिटल बैलेस्टिक पद होता है| इस हथियार का इस्तेमाल किसी एक पूर्व

निर्धारित लक्ष्य एक केंद्र पर निशाना लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है| जिसका पथ किसी

भी लक्ष्य को भेदने से पहले एक दूरी से निर्धारित कर दिया जाता है|  यह मिसाइल एक प्रकार की

गाइडेड मिसाइल होती है| इसके बाद का पद जो निर्धारित की जाती है वह आर्बिटल

मैकेनिक के सिद्धांतों पर एव बैलेस्टिक सिद्धांतों से निर्धारित होता है| लेकिन अभी तक इस

मिसाइल को केवल रासायनिक रॉकेट इंजन से छोड़ा जाता|

भारत ने एक और सफलता प्राप्त करते हुए k-4 बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया 3,500किलोमीटर है मारक क्षमता
अधिकतम रेंज वाली 2000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली
बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-2  रात्रि मध्यकालीन सफलतापूर्वक परीक्षण को अंजाम दिया गया|

 

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में डीआरडीओ की महत्वपूर्ण भूमिका है|

पिछले कुछ दिनों पहले बेंगलुरु में आयोजित डीआरडीओ के एक कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी

ने कहा था की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डीआरडीओ

को नए इनोवेशन के साथ सामने आना होगा| देश को आर्थिक रूप से मजबूत और मेक इन

इंडिया को मजबूत करने में डीआरडीओ  इनोवेशन की बहुत बड़ी भूमिका है|

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