गोपीचंद का किताब मैं खुलासा पता नहीं क्यों प्रकाश पादुकोण

गोपीचंद का किताब मैं खुलासा पता नहीं क्यों प्रकाश पादुकोण ने साइना को मेरी एकेडमी छोड़ने के लिए उकसाया

नेशनल बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने अपनी किताब ऑफ ए बिलियन इंडिया एंड ओलंपिक गेम्स मैं बताया कि वह साइना नेहवाल के

गोपीचंद अकैडमी छोड़कर जाने से कितना दुखी हुए थे उन्होंने अपनी किताब में बीटर राइवल्री नाम से लिखें पाठ में इसके बारे में बताया

लिखा कि विश्व चैंपियनशिप के बाद साइना नेहवाल ने उन्हें छोड़कर प्रकाश पादुकोण की एक अकैडमी से जुड़ने और विमल कुमार की

देखरेख में ट्रेनिंग फैसला किया था साइना नेहवाल के पति और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पी कश्यप कश्यप ने भी इसके बारे में

बताया था

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गोपीचंद ने कहा मेरी इच्छा साइना की अनदेखी करने की नहीं रही

गोपीचंद ने लिखा था कि कुछ इस तरह का था मेरा किसी करीबी से मुझसे दूर किया गया हो पहले मैंने साइना को नहीं जाने के लिए बोला

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी वह किसी और के बातों में आकर अपना मन बना चुकी थी मन बना लिया था तो मैं उसकी तरक्की किसी

भी कीमत नहीं रोकना चाहता था इसलिए उसे मैंने बिल्कुल नहीं रोका यह मेरे साइना किसी के लिए अच्छा नहीं होता

तब उस वक्त बहुत सीएफआई चल रही थी लेकिन साइना को इसके बारे में कुछ पता नहीं था वह इन सब बातों से बेखबर थी गोपीचंद उनसे

ज्यादा पीवी सिद्धू पर ध्यान दे रहे थे गुलशन ने यह कहा कि मेरे पास अन्य खिलाड़ी भी थे और सिद्धू के खेल में 2012 और 2014 के बीच में

उनके खेल में बहुत अच्छा परिवर्तन दिखा लेकिन मेरा मन कभी भी साइना को अनदेखा करना नहीं था यही बात मैं शायद साइना को नहीं

समझा सका लेकिन मुझे सबसे ज्यादा दुख प्रकाश पादुकोण कोच विमल कुमार और ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के पदाधिकारी वीरेन के बारे में

सोचकर हो रहा था

मुझे अभी भी लगता है कि विमल कुमार और प्रकाश पादुकोण सर को साइना से इस मामले में जरूर बात करनी चाहिए थी लेकिन मैं भी नहीं

जानता हूं साइना से क्यों बात नहीं की बल्कि साइना को हैदराबाद छोड़ने के लिए बोला मैं 26 बारे में सोचता हूं तो मन में आता है कि यह एक

रहस्य ही रह गया आखिर क्यों प्रकाश सर ने मेरे बारे में कुछ अच्छा नहीं बोला जबकि उन्हें में अपना रोल मॉडल मानता था

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