हजारीबाग जेपी कारागार के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद बंदी ने लगाई फांसी मौत

हजारीबाग जेपी कारागार के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद बंदी ने लगाई फांसी मौत

हजारीबाग के जेपी कारागार के हाई सिक्योरिटी सेल में एक कैदी ने खुद को फांसी लगा ली और उसकी मौत हो गई फांसी लगाने वाला कैदी

धनबाद जिला के नैनिया का पुत्र था जिसका उम्र 32 वर्ष था उसका नाम योगेश कुमार चौहान था उसके मौत के बाद जेल की बाकी कैदी अब

प्रशासन के विरुद्ध है प्रशासन के रहते हुए कैदी ने कैसे फांसी लगा ली कैदियों के विरोध के चलते हैं योगेश कुमार चौहान जिसने फांसी लगाई

थी उसकी लाश 1:15 तक कारागार परिसर में ही पड़ा रहा कहा जा रहा है कि मौत के बाद बाकी के कैदी इतने उग्र हो गए थे कि प्रशासन को

आखिरी में इमरजेंसी अलार्म बजाना पड़ा इमरजेंसी अलार्म के बजते ही जिला का पुलिस प्रशासन का काफिला जेल के अंदर आ गया और

किसी तरह उन कैदियों को शांत किया गया कैदियों से प्रशासन ने बात करने के बाद उन्होंने योगेश कुमार चौहान के 100 को एचएमसीएस

हजारीबाग में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद बॉडी को उनके परिजनों को सौंप दिया गया कहा जा रहा है कि मृतक

के पिता देवानंद नोनिया और माता सरस्वती देवी ने कहा है कि मेरे पुत्र ने कोई फांसी नहीं लगाई है उसकी हत्या की गई है क्योंकि मेरा पुत्र

मानसिक रोगी था और उसका इलाज रिनपास से चल रहा था पिछले कई दिनों से हम लोगों को नहीं उससे मिलने दिया जा रहा था और ना ही

टाइम से दवाइयां दी जा रही थी उनके परिवार वालों ने बताया है कि पत्र के द्वारा हम लोगों ने कई बार प्रशासन से उसका इलाज बार कहने को

कहा गया था लेकिन सुना नहीं गया आज सिर्फ यही कारण है कि आज मेरे बेटे की मौत हो गई है

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *