अमेरिकी हमलों के बाद आया क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल, भारत पर होगा ये असर

अमेरिकी हमलों के बाद आया क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल, भारत पर होगा ये असर
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अमेरिकी हमलों के बाद आया क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल, भारत पर होगा ये असर

अमेरिकी हमलों के बाद आया क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल, भारत पर होगा ये असरअमेरिका

(America) के हवाई हमले में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasem Soleimani)

की मौत की खबर के चलते दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड के

दाम कुछ ही मिनटों में 3 डॉलर बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए है.

नई दिल्ली. अमेरिका (America) के हवाई हमले में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasem Soleimani)

की मौत की खबर के चलते दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड के

दाम कुछ ही मिनटों में 3 डॉलर बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए है. ऐसे में महंगे क्रूड का असर

                                                                                                            यह भी पढ़ें 

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फुले की 188वीं जयंती / सावित्रीबाई ने महाराष्ट्र में खोला था देश का पहला कन्या विद्यालय, यहां बालिकाओं को पढ़ाने पर फेंका जाता था कीचड़

घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर पड़ेगा. पिछले एक हफ्ते में पेट्रोल के दाम करीब एक फीसदी

तक बढ़ गए है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशी बाजारों

से खरीदता है. ऐसे महंगा क्रूड अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाएगा.

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क्यों महंगा हुआ क्रूड- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई में कमी आ सकती है.

इसीलिए क्रूड के दाम बढ़ गए है. ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी नोमुरा के अनुमान के मुताबिक,

अमेरिकी हमलों के बाद आया क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल, भारत पर होगा ये असर

कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से भारत के राजकोषीय घाटे और करंट अकाउंट बैलेंस पर असर होता है.

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पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा था कि तेल की कीमतों में $10 प्रति बैरल
की वृद्धि जीडीपी ग्रोथ को 0.2 से 0.3 प्रतिशत नीचे ला सकती है. वर्तमान में करंट अकाउंट
डेफिसिट 9 से 10 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है.

(2) महंगाई बढ़ने का डर- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्रूड महंगा होने से इंडियन बास्केट में भी क्रूड

महंगा हो जाता है. इससे तेल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) पर दबाव बढ़ता है कि वो भी महंगा

कच्चा तेल खरीदने पर पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाएं. ऐसे में पेट्रोल और डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़

जाता है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर होता है.ये भी पढ़ें- सऊदी अरामको पर ड्रोन हमले के बाद दोगुना हो सकता है तेल का दाम!

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