जनरल रावत ने कहा- मानवाधिकार कानूनों का बहुत सम्मान करती है भारतीय सशस्त्र बल

जनरल रावत ने कहा- मानवाधिकार कानूनों का बहुत सम्मान करती है भारतीय सशस्त्र बल

  और वह मानव अधिकार कानूनों का बेहद सम्मान करती है|

भारतीय  सशस्त्र बल केवल अपने ही लोगों के मानव अधिकारों का सम्मान नहीं बल्कि दुश्मनों के भी मानव अधिकारों का ख्याल  रखता है|

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यह बात शुक्रवार को दिल्ली में मानव अधिकार भवन में राष्ट्रीय मानव

अधिकार आयोग [ एनएचआरसी ] में प्रशिक्षुओं और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहां

युद्ध काल और युद्ध बंदीयो के मानव अधिकार के संरक्षण के विषय में कहा|

 

भारतीय सेना इंसानियत और शराफत के संस्कारों से चलती है  बिपिन रावत

 

आपको बता दें कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत  ने कहा कि [सशस्त्र बल] इंसानियत और शराफत

के संस्कारों से चलता है|  आजकल हर देश में बढ़ती तकनीकी के कारण उनके आने के बाद युद्ध नीति एक चुनौती बन गया है|

सशस्त्र बल के हमले की तरह आतंकी हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति जवाबदेह नहीं होते| इसीलिए

आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान आम लोगों की अलग अलग पहचान करके लोगों का दिल जीते

हुए सावधानी से काम करना पड़ता है|  एक बहुत ही बड़ी भारतीय सेना के लिए चुनौतीपूर्ण और कठिन कार्य होता है| 

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 सेनामु ख्यालय में मानव अधिकार  प्रकोष्ठ स्थापित

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने यह भी कहां की सेना मुख्यालय ने 1993   में एक मानव अधिकार प्रकोष्ठ स्थापित किया था|

जनरल रावत ने कहा- मानवाधिकार कानूनों का बहुत सम्मान करती है भारतीय सशस्त्र बल

 

सैन्य पुलिस बल में महिला जवानों की भर्ती की शुरुआत

 

जनरल रावत यह भी कहा कि इसी वर्ष अक्टूबर 2019 से सैन्य पुलिस बल में महिला जवानों की भर्ती शुरू की गई है|

आपको बता दे जब कोई भी सर्च ऑपरेशन की जाती है तो उसमें बहुत ज्यादा पुलिसकर्मियों को साथ ले जाती है|

लेकिन जब कभी भी इस तरह की ऑपरेशन किए जाते हैं तो उनमें खास करके महिलाओं की चिंताओ के देखते

हुए सेना ने सैन्य पुलिस बल में महिला जवानों की भर्ती का निर्णय लिया है|

 

सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन होता है   बिपिन रावत

 

  जनरल रावत ने कहा कि मानव अधिकारों और मानव अधिकार कानून को देखते हुए हर उग्रवाद  विरोधी ऑपरेशन

के बाद एक कोट ऑफ इंक्वायरी बैठती है| उस दौरान वह उससे संबंधित सारे रिकॉर्ड रखे जाते हैं|

जनरल रावत ने आर्म्स फोर्स स्पेशल पावर एक्ट का जिक्र करते हुए जो पुलिस और सीआरपीएफ

को दिए जाते  सर्च और ऑपरेशन के समय दिए जाते हैं| 

 

Posted By – Rahul Maddheshiya

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